नमस्ते दोस्तों! राधा-कृष्ण की नगरी, जहाँ भक्ति की गलियाँ हैं, लेकिन साथ ही हजारों विधवा माताएँ अकेली, बेसहारा घूमती हैं। आज मैं बात करने जा रहा हूँ Vrindavan Yojna की, जो उन माताओं के लिए एक बड़ा सहारा बनी है। जब मैंने पहली बार सुना कि सरकार ने वृंदावन में 1000 विधवाओं के लिए विशेष घर बनाया है, तो आँखें नम हो गईं। सोचा, कितनी अच्छी शुरुआत! मेरी एक दूर की रिश्तेदार विधवा हैं, और वे कहती हैं कि ऐसी जगह मिल जाए तो जिंदगी में सम्मान और सुरक्षा दोनों मिल जाते हैं। ये योजना 2018 में शुरू हुई, और 2026 में भी चल रही है, जहाँ ‘Krishna Kutir’ नाम का आश्रय सदन विधवाओं को घर जैसा लगता है। सरल शब्दों में बताऊँगा – क्या है ये योजना, कौन ले सकती है, कैसे अप्लाई करें, क्या फायदे हैं। पढ़िए, और अगर कोई जरूरतमंद माँ या बहन है, तो शेयर जरूर कीजिए – क्योंकि ये सिर्फ योजना नहीं, बल्कि दिल की पुकार है!
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Vrindavan Yojna क्या है?
Vrindavan Yojna यानी वृंदावन में विधवाओं के लिए विशेष आश्रय सदन, जिसका नाम ‘Krishna Kutir’ है। ये उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में वृंदावन में बना है, और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) इसे चलाता है। योजना Swadhar Greh स्कीम के तहत आती है, और इसका मुख्य उद्देश्य है कि गरीब, बेसहारा, त्यागी गई विधवाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक जगह मिले, जहाँ वे रह सकें, खा सकें, और जीवन जी सकें।
ये सदन 31 अगस्त 2018 को तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटित किया था। क्षमता है 1000 महिलाओं की – बड़े कमरे, रैंप, लिफ्ट, सब कुछ बुजुर्गों और कमजोर महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है। यहाँ मुफ्त रहना, खाना, कपड़े, स्वास्थ्य सेवाएँ, कानूनी मदद, और काउंसलिंग मिलती है। 2026 में भी ये पूरी तरह चल रहा है, और Mission Shakti के तहत शामिल है, जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर फोकस है।
मुझे लगता है, वृंदावन जैसे पवित्र जगह पर जहाँ लोग भक्ति के लिए आते हैं, वहाँ विधवाओं को भटकते देखना दिल दुखाता है। लेकिन ये योजना उन्हें घर दे रही है। मेरी feelings हैं कि ये सिर्फ छत नहीं, बल्कि सम्मान और प्यार की शुरुआत है। कई माताएँ यहाँ रहकर भजन-कीर्तन करती हैं, और जीवन में नई उम्मीद पाती हैं। योजना पूरी तरह सरकारी है, और कोई बिचौलिया नहीं – सब पारदर्शी। अब तक हजारों महिलाएँ लाभ ले चुकी हैं, और ये देश की सबसे बड़ी ऐसी सुविधा है।

Vrindavan Yojna का इतिहास और 2026 अपडेट
ये योजना 2018 में शुरू हुई, जब वृंदावन में विधवाओं की दयनीय स्थिति पर बहुत चर्चा हुई। पहले 5,000 से ज्यादा विधवाएँ सड़कों पर भटकती थीं, भिक्षा माँगती थीं। सरकार ने 4 एकड़ जमीन पर ये सदन बनाया, जो ground + three floors का है। पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा फंडेड, और उत्तर प्रदेश सरकार इसे मैनेज करती है।
2025-2026 में Mission Shakti के तहत अपडेट आया – स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत हुईं, काउंसलिंग बढ़ी, और कुछ महिलाओं को स्किल ट्रेनिंग भी मिल रही है ताकि वे आत्मनिर्भर बनें। PIB रिपोर्ट्स में 2025 में भी इसका जिक्र है कि 1000 क्षमता वाला ये सदन सुरक्षित जगह, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य, कानूनी मदद दे रहा है। मुझे अच्छा लगता है कि सरकार ने इसे जारी रखा, क्योंकि वृंदावन की विधवाएँ भक्ति की प्रतीक हैं, लेकिन उनकी जरूरतें भी हैं।
Vrindavan Yojna में कौन पात्र है?
ये योजना मुख्य रूप से बेसहारा, गरीब विधवाओं के लिए है। मुख्य शर्तें सरल हैं:
- महिला विधवा होनी चाहिए (पति की मृत्यु हो चुकी हो)।
- उम्र: ज्यादातर बुजुर्ग या मध्यम आयु की, लेकिन कोई सख्त लिमिट नहीं – जरूरत के आधार पर।
- बेसहारा, गरीब, परिवार से त्यागी गई, या कोई सहारा न हो।
- वृंदावन या आसपास की, लेकिन अन्य जगहों से भी आ सकती हैं अगर जरूरत हो।
- BPL या गरीबी रेखा से नीचे की।
- कोई अन्य सरकारी आश्रय या योजना का लाभ न ले रही हो, या बहुत जरूरी मामलों में।
दोस्तों, ये शर्तें दिल से रखी गई हैं। कई विधवाएँ परिवार से निकाल दी जाती हैं, या पति की मौत के बाद अकेली पड़ जाती हैं। मेरी feelings हैं कि समाज में महिलाओं को इतना दुख क्यों? लेकिन ये योजना उन्हें बचाती है। अगर कोई माँ या बहन ऐसी स्थिति में है, तो जरूर चेक करें।
जरूरी दस्तावेज
अप्लाई करने के लिए ये दस्तावेज लगते हैं:
- विधवा होने का प्रमाण (मृत्यु प्रमाण पत्र पति का)।
- आधार कार्ड।
- निवास प्रमाण (यदि जरूरी)।
- गरीबी प्रमाण या BPL कार्ड।
- स्वास्थ्य रिपोर्ट अगर बीमार हों।
- फोटो और अन्य KYC।
ये सब सरकारी ऑफिस या सदन में जमा होते हैं।
Vrindavan Yojna के लिए कैसे आवेदन करें?
अप्लाई करना सरल है, लेकिन ज्यादातर ऑफलाइन या मदद से होता है।
आवेदन प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप
- नजदीकी महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑफिस या वृंदावन में Krishna Kutir सदन जाएँ।
- आवेदन फॉर्म लें या ऑनलाइन चेक करें (mahila kalyan.up.nic.in या wcd.nic.in पर जानकारी)।
- फॉर्म भरें – नाम, पता, विधवा प्रमाण, आयु, स्थिति बताएँ।
- दस्तावेज जमा करें।
- वेरिफिकेशन होता है – टीम चेक करती है जरूरत।
- अप्रूवल पर जगह मिलती है।
हेल्पलाइन: महिला हेल्पलाइन 181 या स्थानीय WCD ऑफिस। कुछ NGO जैसे Ramakrishna Mission भी मदद करते हैं। योजना साल भर खुली है।
मुझे लगता है, अप्लाई करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन मदद मिल जाती है। मेरी एक जानकार ने बताया कि सदन में रहकर कितनी शांति मिली।

स्टेटस चेक कैसे करें?
सदन या विभाग से संपर्क करके चेक करें।
Vrindavan Yojna के क्या फायदे हैं?
फायदे बहुत हैं, देखिए:
- मुफ्त रहना: सुरक्षित, साफ घर, 1000 क्षमता।
- मुफ्त भोजन: पौष्टिक खाना रोज।
- कपड़े और जरूरी चीजें: मुफ्त प्रदान।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: डॉक्टर, दवा, चेकअप।
- काउंसलिंग और कानूनी मदद: मानसिक सहारा, कानूनी मुद्दे सुलझाना।
- सम्मानजनक जीवन: भजन-कीर्तन, शांति।
- कुछ मामलों में स्किल ट्रेनिंग: आत्मनिर्भर बनने के लिए।
मुझे सबसे अच्छा लगता है कि ये माताएँ अब भिक्षा नहीं माँगतीं, बल्कि सम्मान से जीती हैं। मेरी feelings हैं कि वृंदावन में भक्ति के साथ इंसानियत भी जरूरी है। हजारों महिलाएँ लाभान्वित हैं – कितना बड़ा काम!
निष्कर्ष
दोस्तों, Vrindavan Yojna विधवाओं के लिए एक बड़ा वरदान है। ये सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और सम्मान देती है। अगर कोई पात्र है, तो Krishna Kutir या महिला विकास विभाग से संपर्क करें। सरकार ने अच्छा कदम उठाया, और वृंदावन अब विधवाओं के लिए भी आशा की जगह बन रहा है। मेरी feelings हैं कि ये योजना दिल को छूती है! ज्यादा जानकारी के लिए wcd.nic.in या स्थानीय ऑफिस चेक करें। शेयर करें, किसी माँ की जिंदगी बदल सकती है।








