- PMAY-G क्या है? — पूरा परिचय
- Indira Awas Yojana और PMAY-G में क्या बदला?
- Latest Update 2026 — नई जानकारी
- PMAY-G योजना का Overview (Table)
- सहायता राशि / Installment का विवरण
- Eligibility — कौन पात्र है?
- केंद्र और राज्य सरकार का खर्चा कैसे बँटता है?
- PMAY-G की विशेषताएं और लाभ
- PMAY-G List 2026 कैसे चेक करें
- Installment / किश्त का विवरण कैसे चेक करें
- राज्यवार लाभार्थी सूची — State-wise List
- आवेदन कैसे करें — Online + Offline
- पैसा कब और कैसे आता है? Installments की जानकारी
- ज़रूरी Documents / कागज़ात
- SECC 2011 क्या है?
- मकान की Quality और Design
- मकान किसके नाम पर बनता है?
- PMAY Urban और PMAY Gramin में अंतर
- कौन PMAY-G के लिए Eligible नहीं है?
- PMAY-G Helpline — संपर्क करें
- FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM ग्रामीण आवास योजना क्या है? — PMAY-G का पूरा परिचय
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) भारत सरकार की एक flagship housing scheme है जो ग्रामीण क्षेत्रों (rural areas) में आर्थिक रूप से कमज़ोर (economically weak) परिवारों को पक्का घर (permanent house) बनाने के लिए direct financial assistance देती है। इस scheme का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर गाँव में रहने वाले ज़रूरतमंद (needy) परिवार को एक टिकाऊ (durable) और सुरक्षित (safe) स्थायी घर (permanent home) मिल सके।
यह scheme पहले इंदिरा आवास योजना (IAY — Indira Awas Yojana) के नाम से चलती थी जो 1985 में शुरू हुई थी। IAY को पुनर्गठित (restructured) करके 20 नवंबर 2016 को PMAY-G के रूप में फिर से launch किया गया। इस बदलाव के पीछे सोच थी कि पुरानी scheme में जो खामियाँ थीं — जैसे भाई-भतीजावाद (nepotism), सिफ़ारिश (recommendation) पर allotment — उन्हें दूर किया जा सके और सच में ज़रूरतमंद लोगों तक फायदा पहुँचे।
PMAY-G के तहत लाभार्थी (beneficiary) का चुनाव (selection) अब SECC 2011 (Socio Economic and Caste Census) के data के आधार पर होता है। इस census में हर ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति (financial condition), ज़मीन, मकान की हालत और income की जानकारी दर्ज है। इसी data के ज़रिए सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंद परिवारों को पहले चुना जाता है — यानी scheme का सहारा (support) असली गरीब परिवारों को मिलता है। PMAY-G को 2029 तक विस्तार (extension) दिया जा चुका है, यानी लाखों परिवारों को अभी भी इसका लाभ मिलता रहेगा।
PMAY-G के उद्देश्य (Objectives)
इस scheme का मुख्य उद्देश्य (objective) यह है कि देश के हर गरीब ग्रामीण परिवार को पक्का घर (permanent house) मिले जिसमें बुनियादी सुविधाएं (basic amenities) — जैसे पानी (water), बिजली (electricity), शौचालय (toilet), और रसोई (kitchen) — सब हों। केंद्र सरकार (central government) ने इस scheme के तहत 2.95 करोड़ (2.95 crore) पक्के मकान बनाने का लक्ष्य (target) रखा था। November 2021 तक 1.65 crore units का निर्माण (construction) हो चुका था और scheme का एक्सटेंशन (extension) अब 2029 तक कर दिया गया है।
इस ग्रामीण हाउसिंग स्कीम (rural housing scheme) का असली मकसद सिर्फ कम लागत वाले घर (low-cost houses) बनाना नहीं है बल्कि हर लाभार्थी परिवार को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान (dignity) देना है। कच्चे घर (kaccha house) या क्षतिग्रस्त घर (damaged house) में रहने वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर (economically weak) ग्रामीण परिवारों को सभी के लिए आवास (Housing for All) के सपने का हिस्सा बनाना ही इस scheme का विस्तार (expansion) से सोचा गया लक्ष्य है।

Indira Awas Yojana और PMAY-G में क्या बदला?
जब Indira Awas Yojana (IAY) चलती थी, तब लाभार्थी चुनाव (beneficiary selection) BPL list (Below Poverty Line) के आधार पर होता था। इस list में गड़बड़ियाँ (irregularities) थीं — कई ज़रूरतमंद (needy) परिवार छूट जाते थे और कम ज़रूरतमंद लोग लाभ उठा लेते थे। मानक (standards) तय नहीं थे, जिससे घरों की quality में भेदभाव (discrimination) दिखता था।
20 नवंबर 2016 (November 2016) को पुनर्गठन (restructuring) के बाद PMAY-G में कई बड़े बदलाव (changes) आए:
- BPL list की जगह SECC 2011 data से लाभार्थी चुनाव — जिससे भ्रष्टाचार (corruption) पर रोक (prevention) लगी
- मैदानी इलाकों (plain areas) में सहायता राशि ₹70,000 से बढ़कर ₹1,20,000 हुई; पहाड़ी इलाकों (hilly areas) में ₹75,000 से ₹1,30,000
- न्यूनतम साइज़ (minimum size) 25 वर्ग मीटर (25 square meters) तय हुआ — जिसमें रसोई (kitchen) अनिवार्य (mandatory)
- जियो टैगिंग (geo-tagging) से निर्माण (construction) के हर स्टेज की निगरानी (monitoring) शुरू हुई
- पैसा (money) अब किश्तों (installments) में मिलता है — बीच में रुकना (mid-way stoppage) नहीं होता जब तक काम आगे बढ़ता रहे
- जवाबदेही (accountability) और क्वालिटी (quality) सुनिश्चित करने के लिए MIS system और Direct Benefit Transfer (DBT) लागू हुआ
इन सभी बदलावों से scheme में पारदर्शिता (transparency) आई और सच में ज़रूरतमंद ग्रामीण परिवारों को अस्थायी आवास (temporary shelter) और अपर्याप्त आवास (inadequate housing) से बाहर निकलने का मौका मिला।
Latest Update 2026 — नई जानकारी
PMAY-G के तहत अब तक 4.95 करोड़ (4.95 crore) मकान बनाने का कुल लक्ष्य (target) तय है। August 2025 तक 4.12 करोड़ मकान स्वीकृत (approved) हो चुके थे और 2.82 करोड़ का निर्माण पूरा हो चुका था।
- असम (Assam) के दरंग जिले (Darrang district) में 11,700 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र (sanction letter) दिए गए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने मंगलदाई (Mangaldai), सिपाझार (Sipajhar) और दलगांव (Dalgaon) जैसे इलाकों में क्रमश: 1400, 2500 और 7600 घरों को मंज़ूरी दी।
- असम के नागांव (Nagaon) में 544 गाँवों (544 villages) में PMAY-G 3.0 के तहत काम शुरू हुआ है।
- केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) में PMAY-G के लिए ₹54,917 करोड़ का बजट आवंटन (budget allocation) किया गया — जो पिछले साल से 23 प्रतिशत अधिक है। यह ग्रामीण विकास विभाग (rural development department) के कुल बजट ₹1,97,023 करोड़ का एक अहम हिस्सा है।
- तेलंगाना (Telangana) में पोंगुलेटी ने 5 लाख नए घरों की घोषणा की। शिवराज सिंह चौहान ने PMAY-G 2.0 के तहत 11.57 लाख नए घरों की मंज़ूरी दी।
- Awas+ 2024 app के ज़रिए house-to-house survey में भूमिहीन (landless) परिवारों सहित 2,68,480 नए परिवारों की पहचान की गई।
- MGNREGS के साथ convergence से 568 करोड़ व्यक्ति-दिन (568 crore person-days) का रोज़गार (employment) 2016 से 2025 के बीच generate हुआ है।
- AI/ML technology का उपयोग धोखाधड़ी (fraud detection) रोकने के लिए किया जा रहा है। e-KYC, जियो-टैग (geo-tag) और real-time online dashboard से पारदर्शिता (transparency) बढ़ी है।
- उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में नए परिवारों को पहली किस्त (first installment) जारी की जा रही है।
PMAY-G योजना का Overview
| विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Scheme का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) |
| Launch Date | 20 नवंबर 2016 (November 2016) |
| केंद्र सरकार (Central Government) | ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) |
| उद्देश्य (Objective) | ग्रामीण गरीब परिवारों को पक्का घर (permanent house) |
| कुल लक्ष्य (Total Target) | 4.95 करोड़ घर (4.95 crore houses) |
| Official Website | pmayg.nic.in / pmaymis.gov.in |
| Toll-Free Number | 1800-11-6446 / 011-23063285 / 011-23060484 |
| Extension तक | 2029 |
| Launched by | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) |
सहायता राशि / Installment का विवरण — कितना पैसा मिलता है?
PMAY-G के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता राशि (assistance amount) इलाके के हिसाब से अलग-अलग है:
| लाभ (Benefit) | मैदानी इलाके | पहाड़ी / Northeast |
|---|---|---|
| मकान निर्माण (House Construction) | ₹1,20,000 | ₹1,30,000 |
| शौचालय (Toilet — SBM-G) | ₹12,000 | ₹12,000 |
| MGNREGA मज़दूरी (Wages) | ₹20,700 (90 दिन) | ₹21,850 (95 दिन) |
| कुल लाभ (Total Benefit) | ₹1,55,000+ | ₹1,65,000+ |
इसके अलावा लाभार्थी को उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) से रसोई गैस कनेक्शन (cooking gas connection), सौभाग्य योजना (Saubhagya Yojana) से बिजली कनेक्शन (electricity connection) और जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत नल से जल (tap water) की सुविधा भी मिलती है।
अगर लाभार्थी बड़ा मकान बनाना चाहे तो अतिरिक्त ₹70,000 का लोन भी ले सकते हैं जिस पर 3% ब्याज सब्सिडी (interest subsidy) मिलती है। अधिकतम ₹2 लाख के मूलधन (principal) पर ₹2.30 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है और EMI ₹38,359 प्रति वर्ष तक हो सकती है।
किश्तों का विवरण (Installment Details)
PMAY-G में सहायता राशि तीन किश्तों (three installments) में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए सीधे Aadhaar-linked bank account में आती है:
| किश्त (Installment) | कब मिलती है? | राशि (Amount) |
|---|---|---|
| पहली किश्त (First) | Sanction Order / मंज़ूरी के बाद | ₹40,000 (approx.) |
| दूसरी किश्त (Second) | नींव (foundation) + लिंटल लेवल (lintel level) पर geo-tagged photo upload के बाद | ₹40,000 (approx.) |
| तीसरी किश्त (Third) | निर्माण पूरा (construction complete) + शौचालय बना होने पर | ₹40,000 (approx.) |
Eligibility — PMAY-G के तहत पात्रता के नियम
PMAY-G का लाभ पाने के लिए SECC 2011 (Socio Economic and Caste Census) में दर्ज वंचना स्कोर (deprivation score) के आधार पर चुनाव (selection) होता है। ग्राम सभा (gram sabha) में सत्यापन (verification) के बाद ही नाम लाभार्थी सूची (beneficiary list) में आता है।
कौन पात्र है? (Who is Eligible?)
- जिनके पास कच्चा घर (kaccha house) है — कच्ची दीवारें (kacchi walls), कच्ची छत (kacchi roof)
- जिनके घर में शून्य से दो कमरे (0–2 rooms) हैं और family बड़ी है
- भूमिहीन (landless) परिवार जो दिहाड़ी मज़दूरी (daily wage labour) करते हैं
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक (minority) समुदाय
- मैला ढोने (manual scavenging) वाले और बंधुआ मज़दूरी (bonded labour) से मुक्त परिवार
- विधवा (widow), विकलांग (disabled) परिवार और महिला नेतृत्व (woman-headed) वाले परिवार
- जिस परिवार में 16 से 59 साल का कोई कमाने वाला (earning member) नहीं — या कोई भी 25 साल से ज़्यादा का साक्षर (literate) सदस्य नहीं
कौन पात्र नहीं है? (Who is Ineligible?)
- जिनके पास पहले से पक्का घर (permanent house) है
- जिनकी मासिक कमाई (monthly income) ₹10,000 से अधिक है
- जिनके पास मोटर वाहन (motor vehicle) जैसे कार (car), जीप (jeep), मोटरबोट (motorboat), ट्रैक्टर (tractor) है
- जिनके पास KCC (Kisan Credit Card) है जिसकी limit ₹50,000 से ज़्यादा है
- जो income tax या professional tax भरते हैं
- जिनके घर में refrigerator या landline phone है
- जो पहले IAY या PMAY-G का लाभ ले चुके हैं
आय के अनुसार योग्यता (Income-wise Eligibility)
| Category | वार्षिक आय (Annual Income) | ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) |
|---|---|---|
| EWS (Economically Weaker Section) | ₹3 लाख तक | 6.50% |
| LIG (Low Income Group) | ₹3–6 लाख | 6.50% |
| MIG 1 (Middle Income Group) | ₹6–9 लाख | 4% |
| MIG 2 | ₹9–18 लाख | 3% |
केंद्र और राज्य सरकार का खर्चा कैसे बँटता है?
PMAY-G में निर्माण लागत (construction cost) का बँटवारा (sharing) इलाके के अनुसार अलग-अलग है:
इस अनुपात (ratio) की वजह से सीमित बजट (limited budget) वाले राज्यों पर भी ज़्यादा बोझ नहीं पड़ता और हर राज्य में funding सहायता (funding support) बराबर रहती है।
PMAY-G की विशेषताएं और लाभ (Features & Benefits)
- SECC 2011 आधारित पारदर्शी चयन (transparent selection) — nepotism नहीं
- सारा पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) से सीधे bank account में — बिना बिचौलिए के
- 25 वर्ग मीटर (25 square meters) का न्यूनतम पक्का मकान — रसोई सहित
- जियो-टैगिंग (geo-tagging) से निर्माण की निगरानी (monitoring) — हर stage पर
- मकान महिला के नाम (woman) या संयुक्त नाम (joint name — पति-पत्नी) पर
- MGNREGA से 90–95 दिन का रोज़गार (employment) — निर्माण के दौरान
- ग्राम सभा (gram sabha) में सार्वजनिक सत्यापन (verification)
- Aadhaar-linked DBT — fraud की कोई गुंजाइश नहीं
- मकान का design जलवायु (climate), संस्कृति (culture) और आवास पद्धति (housing practice) के अनुसार
- AI/ML से धोखाधड़ी रोकथाम (fraud prevention) और e-KYC
- Awas+2024 app से real-time dashboard और tracking
- 20 वर्ग मीटर से बढ़कर अब न्यूनतम 25 वर्ग मीटर का घर
लाभार्थी को मकान के लिए पैसा, शौचालय के लिए ₹12,000, बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, नल से पानी — सब एक साथ मिलते हैं। यह सिर्फ घर नहीं, पूरी ज़िंदगी बदलने का मौका है।
PMAY-G List 2026 कैसे चेक करें (PM Awas Yojana Gramin List Check Online 2026)
अपना नाम PM Awas Yojana Gramin List 2026 में online देखने के लिए नीचे दिए steps follow करें। किसी भी fake app या unofficial site पर नाम मत ढूंढें — सिर्फ official site use करें।
- Official website pmayg.nic.in खोलें।
- Menu में “Awassoft” या “AwaasSoft” option पर click करें।
- “Stakeholders” → “IAY / PMAYG Beneficiary” select करें।
- या सीधे rhreporting.nic.in पर जाएं — Social Audit Report और beneficiary details यहाँ मिलती हैं।
- State (राज्य), District (जिला), Block (ब्लॉक), Village (गांव) select करें।
- PMAY scheme select करें और Captcha code डालकर Submit करें।
- लाभार्थी की सूची (beneficiary list) आपके सामने होगी — नाम search करें।
- Registration number से भी नाम सर्च (search) किया जा सकता है।
PM आवास ग्रामीण की Installment / किश्त का विवरण कैसे चेक करें
अपनी किश्त का विवरण (installment details) और भुगतान स्थिति (payment status) UMANG app या UMANG portal से check करें:
- UMANG App download करें या UMANG Portal खोलें।
- Register करें और Login करें।
- “Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin (PMAY-G)” search करें।
- अपना Registration Number डालें।
- लाभार्थी का विवरण (beneficiary details), released funds और किश्त की जानकारी दिखेगी।
- FTO tracking भी यहाँ से की जा सकती है।
याद रखें — पैसा हमेशा DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए Aadhaar-linked bank account में आता है। मैदानी क्षेत्र (plain areas) में ₹1,20,000 और जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir), उत्तराखंड (Uttarakhand), लद्दाख (Ladakh), उत्तर-पूर्व (northeast) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में ₹1,30,000 की राशि तीन किश्तों में मिलती है।
PMAY-G List — राज्यवार सूची (State-wise Beneficiary List)
नीचे दिए सभी राज्यों की PMAY-G List 2026 official website pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। अपना राज्य select करके लाभार्थी सूची देखें:
हर राज्य की state-wise list देखने के लिए pmayg.nic.in पर जाएं और अपना state, district, block और village select करें।
आवेदन कैसे करें — Online + Offline Process
PMAY-G में आवेदन की प्रक्रिया (process) अलग है — यह scheme open application नहीं है। लाभार्थी का चुनाव SECC 2011 data और ग्राम सभा (gram sabha) के verification से होता है। लेकिन अगर आपका नाम SECC list में है तो नीचे दिए steps follow करें:
Online Process
- Official website pmayg.nic.in खोलें।
- अपना Aadhaar number और mobile number डालें।
- लिंग (gender), लाभार्थी ID (beneficiary ID) और PMAY ID confirm करें।
- अपना MGNREGA job card number और Swachh Bharat Mission number डालें।
- Bank account details (Aadhaar-linked) भरें।
- मकान की स्वामित्व (ownership) और प्राथमिकता (priority) details fill करें।
- Form submit करें और Registration number note करें।
Offline Process
जो लोग online नहीं कर सकते वे अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या Common Service Centre (CSC / कॉमन सेवा सेंटर) की मदद ले सकते हैं। वहाँ application form भरवाकर identity proof और income certificate जमा करें। Application fee कोई नहीं है — scheme पूरी तरह free है। ग्रामीण परिवारों के लिए और भी सरकारी सहायता उपलब्ध है — PM Ramban Yojna 2026 के बारे में भी ज़रूर जानें।
पैसा कब और कैसे आता है? — Installments की पूरी जानकारी
PMAY-G में पैसा (money) एकमुश्त नहीं आता — यह तीन किश्तों (three installments) में आता है। हर अगली किश्त (next installment) तभी मिलती है जब निर्माण की progress geo-tagged photo अपलोड (upload) करके portal पर दिखाई जाए।
- पहली किश्त: Sanction Order / मंज़ूरी (approval) के बाद — नींव (foundation) शुरू होने पर
- दूसरी किश्त: लिंटल लेवल (lintel level) पर पहुँचने के बाद — दरवाज़े (doors) और खिड़कियाँ (windows) लगने से पहले — geo-tagged photo upload ज़रूरी
- तीसरी किश्त: निर्माण पूरा होने पर — शौचालय (toilet) बना होना और geo-tagged photo upload अनिवार्य
तीन बार inspection (three inspections) होती है — BDO (Block Development Officer) की देखरेख में। अगर किश्त रुक जाए (installment stopped) तो geo-tagged photo upload और Aadhaar linking check करें। समय सीमा (time limit) आमतौर पर 12 महीने (12 months) की होती है।
ज़रूरी Documents / कागज़ात — पूरी List
- Aadhaar Card — सभी सदस्यों (all members) का
- MGNREGA Job Card (मनरेगा जॉब कार्ड)
- BPL Ration Card (अगर हो)
- Bank Passbook — Aadhaar-linked account की
- Income Certificate (आय प्रमाण पत्र)
- Caste Certificate (जाति प्रमाण पत्र) — SC / ST के लिए
- Land Documents (ज़मीन के कागज़ात) — अगर हों
- Residential Proof (रिहाइशी प्रमाण)
- Passport Size Photo
- Affidavit / Sworn Statement (शपथ पत्र)
- PAN Card (पैन कार्ड)
- Voter ID (वोटर ID)
- भूमिहीन (landless) होने पर ग्राम पंचायत प्रमाण पत्र (gram panchayat certificate)
- 6 महीने का bank statement (अगर loan लेना हो)
SECC 2011 क्या है? — Beneficiary Selection का आधार
SECC (Socio Economic and Caste Census) 2011 एक nationwide survey था जिसमें पूरे देश के ग्रामीण परिवारों (rural families) की आर्थिक हालत (economic condition) — ज़मीन (land), मकान (house), कमाई (income), विकलांगता (disabled), पढ़ाई-लिखाई (education) — सब कुछ record किया गया। इसी census के data से वंचना स्कोर (deprivation score) तैयार होता है।
PMAY-G में लाभार्थी चुनाव (beneficiary selection) इसी score के आधार पर होता है — जिसका score जितना ज़्यादा (यानी जितना ज़्यादा वंचित), उसे पहले मौका मिलता है। इससे भाई-भतीजावाद (nepotism) और सिफ़ारिश (recommendation) पर रोक लगती है।
ग्राम सभा (gram sabha) में सार्वजनिक सत्यापन (public verification) होता है। BDO (Block Development Officer) और ग्राम पंचायत (gram panchayat) मिलकर छूटे हुए परिवारों (excluded families) को शामिल (inclusion) करने का काम करते हैं। पारदर्शिता (transparency) के लिए पूरा data MIS system पर online रहता है।

मकान की Quality और Design — क्या मिलेगा?
PMAY-G में लाभार्थी को कोई भी मकान नहीं बनाना होता — government कुछ design options देती है जो स्थानीय जलवायु (climate), मिट्टी (soil), भूकंप ज़ोन (earthquake zone) और संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
- मकान की न्यूनतम साइज़ (minimum size): 25 वर्ग मीटर — बेडरूम (bedroom) + रसोई (kitchen) + शौचालय (toilet)
- हवा (ventilation), रोशनी (light) और खिड़कियाँ (windows) अनिवार्य
- भूकंप प्रभावित क्षेत्र (earthquake-prone area) में special design
- तीन बार inspection (three inspections) — नींव, लिंटल level और completion पर
- हर stage पर geo-tagged photos portal पर अपलोड (upload) होती हैं
- Quality में कमी (quality deficiency) मिलने पर अगली किश्त रोकी (hold) जा सकती है
मकान किसके नाम पर बनता है?
PMAY-G में सरकार ने यह नियम बनाया है कि मकान महिला सदस्य (female member) के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम (joint name) पर होगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को संपत्ति (property) में अधिकार (rights) और सुरक्षा (security) मिलती है।
अगर परिवार में कोई महिला नहीं है (अकेला पुरुष — single male) तो मकान उसी पुरुष (male) के नाम पर बन सकता है। विधवा (widow) परिवारों और बेसहारा (helpless) महिलाओं के लिए यह scheme एक ज़रूरी सहारा है। मालिकाना हक़ (ownership rights) मिलने से ग्रामीण परिवारों की स्वामित्व (ownership) स्थिति मज़बूत होती है। UP की महिलाओं के लिए एक और बेहतरीन सरकारी योजना है — Pardhanmantri Kanya Ashirwad Yojna 2026 के बारे में ज़रूर पढ़ें।
PMAY Urban और PMAY Gramin में अंतर
| विवरण | PMAY Urban | PMAY Gramin |
|---|---|---|
| किसके लिए? | शहरी निवासी (urban residents) | ग्रामीण निवासी (rural residents) |
| Scheme का तरीका | Home loan पर सब्सिडी (subsidy) | सीधे पैसा (direct money) bank में |
| Ministry | आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) | ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) |
| Application प्रक्रिया | Bank / PMAY portal से | SECC list / ग्राम सभा से |
| Beneficiary Selection | Income category wise (EWS/LIG/MIG) | SECC 2011 deprivation score |
कौन PMAY-G के लिए Eligible नहीं है?
- जिनके पास पहले से पक्का घर (permanent house) है — भारत के किसी भी हिस्से में
- उच्च आय (high income) वाले परिवार जो income tax या professional tax भरते हैं
- जो अन्य हाउसिंग स्कीम (other housing scheme) से पहले लाभ ले चुके हैं
- NRI (Non-Resident Indian) — अनिवासी भारतीय
- जिनके पास motor vehicle, refrigerator या landline phone है
- जिनका KCC limit ₹50,000 से ज़्यादा है
- परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पक्का घर मालिक (permanent house owner) हों
PMAY-G Helpline — संपर्क करें
📧 Email: support-pmayg@gov.in
📞 PFMS Helpline: 1800-11-8111
📧 PFMS Email: helpdesk-pfms@gov.in
📞 Other Numbers: 011-23063285 / 011-23060484
🌐 Official Website: pmayg.nic.in | pmaymis.gov.in
📱 App: AwaasApp / UMANG App (Google Play Store पर free उपलब्ध)
FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. PMAY Urban और PMAY Gramin में क्या अंतर है?
PMAY Urban शहर (city) में रहने वाले लोगों के लिए है जहाँ home loan पर सब्सिडी (subsidy) मिलती है। PMAY Gramin गाँव (village) में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए है जहाँ सीधे पैसा (direct money) bank account में आता है। दोनों की आवेदन प्रक्रिया (application process) और मंत्रालय (ministry) भी अलग हैं।
Q2. अगर मेरा नाम SECC List में नहीं है तो क्या कोई रास्ता है?
अगर नाम SECC list में नहीं है तो अपने ग्राम पंचायत (gram panchayat) या ग्राम सभा (gram sabha) में सिफ़ारिश (recommendation) और लिखित अपील (written complaint) करें। BDO (Block Development Officer) के पास आवेदन (appeal) दें। नए सर्वे और Awas+ app के ज़रिए छूटे हुए पात्र परिवार भी जोड़े जा रहे हैं।
Q3. मकान बनाने में कितना समय लगता है?
Sanction Order के बाद आमतौर पर 12 महीने (12 months) की समय सीमा (time limit) होती है। बारिश (rain), सामान की कमी (material shortage) या मज़दूर (labour) की कमी से देरी (delay) हो सकती है। ऐसे में BDO से समय सीमा बढ़ाने (time extension) के लिए आवेदन (application) करें।
Q4. क्या मैं अपनी मर्ज़ी से कोई भी मकान डिज़ाइन चुन सकता हूँ?
कुछ हद तक छूट (flexibility) है। सरकारी डिज़ाइन (government design) में जलवायु (climate) और ज़मीन (land) के अनुसार options हैं। न्यूनतम 25 वर्ग मीटर का बेडरूम, रसोई और शौचालय तो होना ही चाहिए। अगर बड़ा मकान बनाना हो तो ₹70,000 अतिरिक्त लोन (additional loan) लिया जा सकता है।
Q5. AwaasApp क्या है और कैसे use करें?
AwaasApp भारत सरकार की official mobile application है। इससे PMAY-G के तहत निर्माण की हर stage की geo-tagged photos अपलोड (upload) की जाती हैं, status check किया जाता है और किश्त (installment) track होती है। यह Google Play Store पर मुफ्त (free) उपलब्ध है।
Q6. अगर किश्त रुक गई तो क्या करें?
सबसे पहले check करें कि geo-tagged photos portal पर upload हैं या नहीं। Aadhaar linking और bank account सही है या नहीं। तकनीकी गड़बड़ी (technical issue) हो तो ग्राम पंचायत (gram panchayat) या BDO से मिलें। ज़िला कार्यालय (district office) में शिकायत (complaint) करें या Toll Free 1800-11-6446 पर call करें। कोई नकद (cash) माँगे तो यह गड़बड़ (irregularity) है — तुरंत शिकायत करें।
Q7. क्या किराए के मकान में रहने वाले भी पात्र हैं?
हाँ। अगर कोई ग्रामीण परिवार किराए के मकान (rented house), झोपड़ी (hut) या दूसरे की ज़मीन (others’ land) / खेत (field) में रह रहा है और उनके पास खुद का पक्का मकान (permanent house) नहीं है, तो वे SECC 2011 के आधार पर पात्र (eligible) हो सकते हैं।
Q8. PMAY-G में भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ करें?
अगर कोई अधिकारी (officer) या पंचायत सदस्य (panchayat member) पैसे माँगे (demanding money) तो Toll Free 1800-11-6446 पर call करें। CPGRAMS portal pgportal.gov.in पर online शिकायत करें। ज़िला कलेक्टर (district collector) को लिखित शिकायत (written complaint) दें। याद रखें — DBT की वजह से पैसा सीधे bank account में आता है, किसी को नकद (cash) देने की ज़रूरत नहीं।
Q9. PM Awas Yojana Gramin List 2026 कब जारी हुई?
PM Awas Yojana Gramin List 2026 अलग-अलग जिलों (districts) और राज्यों के अनुसार समय-समय पर अपडेट (updated) होती रहती है। Latest list के लिए हमेशा official site pmayg.nic.in check करें।
Q10. PM Awas Yojana Gramin List में नाम कैसे आएगा?
नाम तभी आएगा जब ग्राम सभा (gram sabha) में सत्यापन (verification) हो, SECC 2011 data में नाम हो और online MIS system में entry हो। नए सर्वे (new survey) में चुनाव (selection) के बाद नाम list में जुड़ता है।
Q11. सहायता राशि कितनी मिलती है?
मैदानी ग्रामीण इलाकों (rural areas) में ₹1.20 लाख और MGNREGA + SBM मिलाकर कुल ₹1.55 लाख तक मिलती है। पहाड़ी इलाकों में ₹1.30 लाख और total ₹1.65 लाख तक। सब्सिडी लोन के साथ यह राशि ₹2.30 लाख तक हो सकती है। सब राज्य के अनुसार (state-wise) और तीन किस्तों (three installments) में DBT से मिलती है।
Q12. क्या PMAY ग्राम पंचायत के लिए मान्य है?
हाँ। ग्राम पंचायत (gram panchayat) स्तर पर वॉर्ड मेंबर (ward member) application form और documentation में मदद करते हैं और BDO को submit करते हैं। इनसे संपर्क (contact) करना application की पहली ज़रूरी step है।
Q13. PMAY ID नंबर क्या है?
PMAY ID यानी Assessment ID एक unique application number है जो form submit करने के बाद generate होता है। इससे application status (एप्लीकेशन स्टेटस) और tracking (ट्रैकिंग) होती है। pmaymis.gov.in पर अपना Aadhaar number डालकर यह ID देख सकते हैं।
Q14. क्या मौजूदा home loan पर PMAY subsidy मिल सकती है?
नहीं। PMAY Gramin scheme में subsidy नए निर्माण (construction) के लिए है, मौजूदा home loan (existing home loan) पर नहीं। Bank और lender से जांच प्रक्रिया (verification process) के बाद ही यह तय होता है कि कोई eligible है या नहीं।
Conclusion — अब सही कदम उठाएं
PM Awas Yojana Gramin List 2026 में नाम आना लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए ज़िंदगी बदल देने वाला मौका है। कच्चे मकान से पक्के घर (permanent house) का सफर — ₹1.20 लाख से ₹1.65 लाख तक की सहायता राशि, MGNREGA से रोज़गार, शौचालय, बिजली और पानी — यह सब PMAY-G के ज़रिए मिलता है।
अगर आपका नाम SECC 2011 में है या आपको लगता है कि आप पात्र (eligible) हैं — तो आज ही अपने ग्राम पंचायत से मिलें, BDO से जानकारी लें और official website pmayg.nic.in पर अपना नाम check करें। बिहार के छात्रों के लिए एक और ज़रूरी scheme — Bihar Student Credit Card Yojna 2026 की पूरी जानकारी भी यहाँ पढ़ें।
इस article की जानकारी PMAY-G की official website, government notifications और latest updates के आधार पर दी गई है। Apply करने या list check करने से पहले official website pmayg.nic.in ज़रूर visit करें — dates, राशि और नियम समय के साथ बदल सकते हैं। Helpline: 1800-11-6446















