दोस्तों, कल्पना कीजिए कि आपका खेत हरा-भरा है, फसलें लहलहा रही हैं, और आप बिना किसी चिंता के अच्छी पैदावार ले रहे हैं। लेकिन हकीकत में, कितने किसान भाई हर साल सूखे या कम बारिश की वजह से फसलें गंवा देते हैं? मैं खुद बिहार के एक छोटे से गांव से हूं, और बचपन में देखा है कि पापा कैसे रात-दिन पानी की जुगाड़ में लगे रहते थे। वो दर्द आज भी महसूस होता है। लेकिन अब, बिहार सरकार की Nalkup Yojna ने सब बदल दिया है! ये योजना छोटे किसानों को निजी नलकूप लगाने में पैसे की मदद देती है, ताकि आप अपनी मर्जी से खेतों में पानी डाल सकें। अगर आप भी बिहार के किसान हैं, तो ये लेख आपके लिए है। आज हम बताएंगे कि Nalkup Yojna क्या है, इसके फायदे क्या हैं, कौन इसमें हिस्सा ले सकता है, आवेदन कैसे करें, और अंत में एक छोटा सा निष्कर्ष। पूरा पढ़िए, क्योंकि ये जानकारी आपकी खेती को नई ऊंचाई दे सकती है!
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Nalkup Yojna क्या है?
दोस्तों, Nalkup Yojna का पूरा नाम है मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना। ये बिहार सरकार की लघु जल संसाधन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक शानदार स्कीम है। इसका मकसद है कि हर किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे, खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए। योजना के तहत, किसानों को अपने खेत में निजी नलकूप (जिसे हम बोरिंग या ट्यूबवेल कहते हैं) खुदवाने और पंप सेट लगाने के लिए आर्थिक मदद मिलती है।

ये योजना सात निश्चय-2 प्रोग्राम का हिस्सा है, जो “हर खेत तक सिंचाई का पानी” पर फोकस करती है। सरकार ने इसके लिए बड़ा बजट रखा है – लगभग 210 करोड़ रुपये! और अब तक हजारों किसानों को फायदा हो चुका है। जैसे, 2025-2026 में भी ये चल रही है, और कुल 35,000 नलकूपों का लक्ष्य है। मुझे खुशी होती है जब सोचता हूं कि अब किसान भाई बारिश पर निर्भर नहीं रहेंगे। वो खुद पानी निकालकर फसलें उगा सकेंगे। क्या कमाल की बात है ना?
अगर आप पूछें कि ये योजना कब शुरू हुई, तो ये 2012 से चल रही है, लेकिन समय-समय पर अपडेट होती रहती है। अब 2026 में भी ऑनलाइन आवेदन खुले हैं, और सब्सिडी बढ़ाकर 91,200 रुपये तक की जा सकती है,depending on गहराई और कैटेगरी। ये योजना सिर्फ बिहार के उन इलाकों में लागू होती है जहां भूजल स्तर अच्छा है, और अतिदोहन की समस्या नहीं है। तो, अगर आपका इलाका योग्य है, तो ये आपके लिए सुनहरा मौका है!
Nalkup Yojna का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बहुत सीधा है – किसानों को सिंचाई की समस्या से छुटकारा दिलाना। बिहार में ज्यादातर किसान छोटे हैं, उनके पास 1-2 एकड़ जमीन होती है, और पैसे की कमी से वो अच्छे उपकरण नहीं खरीद पाते। नतीजा? फसलें कम होती हैं, कमाई कम होती है, और परिवार मुश्किल में पड़ जाता है। मैंने अपने गांव में देखा है कि कैसे एक अच्छी सिंचाई से पैदावार दोगुनी हो जाती है।
सरकार चाहती है कि किसान आत्मनिर्भर बनें। योजना से कृषि उत्पादन बढ़ेगा, खेती की लागत कम होगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही, ये जल संरक्षण को भी बढ़ावा देती है, क्योंकि नलकूप सही गहराई के होते हैं। कुल मिलाकर, ये योजना किसानों की जिंदगी आसान बनाने के लिए है। सोचिए, अगर आपके खेत में हमेशा पानी रहे, तो कितनी राहत मिलेगी!
Nalkup Yojna से क्या फायदे हैं?
अब बात करते हैं फायदों की, जो सबसे महत्वपूर्ण है। दोस्तों, इस योजना से मिलने वाली सब्सिडी देखकर आप चौंक जाएंगे। मुख्य फायदे ये हैं:
- नलकूप खुदाई पर अनुदान: प्रति मीटर के हिसाब से पैसे मिलते हैं। सामान्य वर्ग के लिए 600 रुपये प्रति मीटर, पिछड़े/अति पिछड़े के लिए 840 रुपये, और SC/ST के लिए 900-960 रुपये तक। गहराई 15 से 70 मीटर तक होनी चाहिए, और व्यास 4-6 इंच।
- पंप सेट पर सब्सिडी: 2HP, 3HP या 5HP पंप पर 50% से 80% तक की छूट। जैसे, 2HP पर 20,000 रुपये तक, 5HP पर 30,000 तक। कुल मिलाकर एक किसान को 35,000 से 91,200 रुपये तक की मदद मिल सकती है!
- सीधे बैंक में पैसे: अनुदान DBT से आपके बैंक खाते में आता है, कोई बिचौलिया नहीं।
- अन्य फायदे: महिलाओं को खास प्रोत्साहन, अब तक 4,000 से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। साथ ही, फसलें बेहतर होंगी, कमाई बढ़ेगी, और परिवार खुशहाल होगा।
मुझे लगता है कि ये योजना किसानों के लिए एक सपना सच होने जैसी है। कल्पना कीजिए, आपके खेत में पानी की कमी नहीं, फसलें समय पर पकती हैं, और आप बाजार में अच्छे दाम पर बेचते हैं। वो खुशी का अहसास कितना अच्छा होगा!
अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो अब तक 21,000 से ज्यादा किसानों को 119 करोड़ रुपये की मदद मिल चुकी है। ये योजना न सिर्फ सिंचाई देती है, बल्कि किसानों को मजबूत बनाती है।

Nalkup Yojna के लिए कौन पात्र है?
सभी किसान इसमें आवेदन नहीं कर सकते, कुछ शर्तें हैं। चलिए, आसान भाषा में समझाते हैं:
- आप बिहार के स्थायी निवासी होने चाहिए।
- आपके पास 0.40 एकड़ (या 0.20 हेक्टेयर) या इससे कम खेती योग्य जमीन होनी चाहिए।
- पहले से कोई सरकारी सिंचाई सुविधा (जैसे सरकारी ट्यूबवेल) नहीं होनी चाहिए।
- नलकूप 15-70 मीटर गहराई और 4-6 इंच व्यास का होना चाहिए।
- आपका इलाका अतिदोहित या संकटपूर्ण प्रखंड में नहीं होना चाहिए (साइट पर लिस्ट चेक करें)।
- एक किसान को सिर्फ एक नलकूप का लाभ मिलेगा, और ये व्यक्तिगत है।
अगर आप SC/ST या पिछड़े वर्ग से हैं, तो ज्यादा सब्सिडी मिलेगी। महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। मुझे अच्छा लगता है कि सरकार ने छोटे किसानों पर फोकस किया है, क्योंकि वो ही सबसे ज्यादा मुश्किल में रहते हैं।
Nalkup Yojna की विशेषताएं क्या हैं?
ये योजना कई खास बातों से अलग है:
- 80% तक सब्सिडी (SC/ST के लिए)।
- ऑनलाइन सिस्टम से सब आसान।
- कुल 35,000 नलकूपों का लक्ष्य, पहले आओ पहले पाओ।
- भूजल संरक्षण को ध्यान में रखा गया।
- हेल्पलाइन और पोर्टल से मदद उपलब्ध।
ये विशेषताएं इसे और भी आकर्षक बनाती हैं।
Nalkup Yojna के लिए जरूरी दस्तावेज क्या हैं?
आवेदन से पहले ये कागज तैयार रखें:
- आधार कार्ड।
- भूमि का प्रमाण पत्र (LPC, 01/01/2023 से पहले का न हो)।
- जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)।
- स्व-घोषणा पत्र।
- बैंक पासबुक की कॉपी।
- पासपोर्ट साइज फोटो (आपकी और खेत की)।
- मोबाइल नंबर (OTP के लिए)।
- खेत का चिन्हित फोटो।
सारे दस्तावेज JPEG या PNG में अपलोड करने होते हैं। आसान है ना?
Nalkup Yojna में आवेदन कैसे करें?
आवेदन बहुत सरल है, घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट mwrd.bihar.gov.in या mwrd.bih.nic.in/mnny पर जाएं।
- होम पेज पर “आवेदन करें” या “कृषक आवेदन करें” पर क्लिक करें।
- अपनी जानकारी भरें – नाम, पता, मोबाइल, आधार।
- OTP से वेरिफाई करें।
- भूमि डिटेल, कैटेगरी आदि भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें।
- घोषणा पढ़कर टिक लगाएं।
- प्रीव्यू चेक करके सबमिट करें।
- आवेदन नंबर सेव कर लें।
स्वीकृति के बाद 60 दिनों में नलकूप लगाकर फोटो अपलोड करें, फिर क्लेम करें। अगर कोई दिक्कत हो, तो हेल्पलाइन 0612-2215605 पर कॉल करें। मैंने सुना है कि प्रक्रिया इतनी आसान है कि गांव के लोग भी कर लेते हैं।
Nalkup Yojna आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
- वेबसाइट पर जाएं।
- “आवेदन की स्थिति देखें” पर क्लिक।
- मोबाइल नंबर और OTP डालें।
- स्टेटस दिख जाएगा।
निष्कर्ष
दोस्तों, Nalkup Yojna बिहार के किसानों के लिए एक बड़ा वरदान है। ये सिंचाई की समस्या खत्म करके खेती को लाभदायक बनाती है। अगर आप पात्र हैं, तो देर न करें, आज ही आवेदन करें। आपकी मेहनत रंग लाएगी, और परिवार खुश रहेगा। जय किसान!








