नमस्ते दोस्तों! बचपन में दादाजी को देखा था, वे बढ़ई का काम करते थे। हाथों से लकड़ी तराशते, सुंदर-सुंदर सामान बनाते, लेकिन कभी सोचा कि उनकी मेहनत को कितनी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं? पैसा कम, बाजार नहीं मिलता, नए औजारों की कमी – ये सब देखकर दिल दुखता था। लेकिन अब PM Vishwakarma Yojna जैसी योजना ने ऐसे लाखों कारीगरों की जिंदगी बदल दी है। ये योजना उन लोगों के लिए है जो हाथों से हुनर दिखाते हैं, जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार वगैरह। आज हम इसी पर बात करेंगे – सरल शब्दों में, जैसे घर बैठे चाय की चुस्की लेते हुए गपशप हो रही हो। PM Vishwakarma Yojna क्या है, कौन इसमें शामिल हो सकता है, कैसे आवेदन करें, फायदे क्या हैं – सब कुछ बताऊंगा। पढ़िए, समझिए और अगर कोई अपना या जानकार पात्र है तो आज ही कदम उठाइए। क्योंकि हुनर की कद्र होनी चाहिए, और ये योजना उसी का साथ देती है! मुझे तो लगता है, ये योजना जैसे कोई सपना सच होने वाला है – दिल खुश हो जाता है सोचकर।
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PM Vishwakarma Yojna क्या है?
दोस्तों, PM Vishwakarma Yojna भारत सरकार की एक बड़ी योजना है, जो छोटे उद्योग मंत्रालय चलाता है। ये योजना सितंबर 2023 में शुरू हुई थी और पांच साल तक चलेगी, यानी 2027-28 तक। इसका मुख्य मकसद है उन कारीगरों और शिल्पकारों को मदद देना जो हाथों से काम करते हैं और छोटे-छोटे कामों से परिवार चलाते हैं। ऐसे लोग जो अनियमित क्षेत्र में काम करते हैं, उनके लिए ये योजना जैसे कोई सहारा है।
ये योजना 18 तरह के पारंपरिक कामों को कवर करती है। जैसे – बढ़ई (सुथार या बढ़ई), नाव बनाने वाला, हथियार बनाने वाला, लोहार, हथौड़ा और औजार किट बनाने वाला, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला), पत्थर तोड़ने वाला, मोची (जूते बनाने वाला), राजमिस्त्री, टोकरी-झाड़ू बनाने वाला, गुड़िया-खिलौने बनाने वाला, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्जी और मछली का जाल बनाने वाला। सोचिए, कितने तरह के हुनर वाले लोग इसमें शामिल हैं!

2026 तक की ताजा खबरें देखकर मन प्रसन्न हो जाता है। अब तक करोड़ों आवेदन आ चुके हैं – लगभग 2.72 करोड़ आवेदन जमा हुए, और 30 लाख से ज्यादा लोग रजिस्टर्ड हो चुके हैं। सरकार ने ट्रेनिंग, लोन और बाजार मदद को और मजबूत किया है। PIB की रिलीज में बताया गया कि जनवरी 2026 में और ज्यादा लोगों को शामिल किया गया, खासकर ग्रामीण इलाकों से। मुझे याद है, जब मैंने पहली बार इस योजना के बारे में सुना, तो लगा जैसे दादाजी जैसे लोगों के लिए कोई देवदूत आ गया हो। क्योंकि हुनर तो है, लेकिन आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिलता था। अब ये योजना ट्रेनिंग देती है, नए औजार, पैसा और बाजार तक पहुंच – सब कुछ! ये सिर्फ योजना नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीद की किरण है। अगर आपके गांव या शहर में कोई ऐसा कारीगर है जो अभी तक इससे दूर है, तो ये जानकारी उनके लिए वरदान हो सकती है। चलिए, अब देखते हैं कि कौन इसमें पात्र है।
PM Vishwakarma Yojna के लिए कौन पात्र है?
PM Vishwakarma Yojna की सबसे अच्छी बात ये है कि ये सरल नियमों पर चलती है। कोई जटिल शर्तें नहीं, बस कुछ बुनियादी चीजें पूरी करनी हैं। आइए, एक-एक करके समझते हैं:
- उम्र: आवेदक की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। मतलब, आवेदन के समय कम से कम 18 साल पूरे होने चाहिए। बच्चे या बहुत छोटे लोग नहीं शामिल हो सकते, क्योंकि ये काम करने वालों के लिए है।
- काम: व्यक्ति को ऊपर बताए 18 में से किसी एक पारंपरिक काम में लगा होना चाहिए। ये काम परिवार आधारित होना चाहिए, यानी पीढ़ियों से चला आ रहा हो। अनियमित क्षेत्र में खुद का काम करने वाला हो, न कि किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करने वाला।
- निवास: भारत का नागरिक होना चाहिए। कोई खास राज्य की सीमा नहीं, पूरे देश में लागू है।
- अन्य शर्तें: परिवार में कोई पहले से इस योजना का फायदा न ले रहा हो। सरकारी कर्मचारी या जिनके पास पहले से कोई बड़ा लोन या योजना का लाभ है, वे बाहर हो सकते हैं। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन है।
- अपवाद: अगर कोई पहले से किसी दूसरी केंद्रीय योजना का फायदा ले रहा है, जैसे स्टैंड-अप इंडिया या मुद्रा लोन, तो वो पात्र नहीं होगा।
नोट: 2026 में आधार सत्यापन को और सख्त किया गया है, ताकि सही लोग ही फायदा उठाएं। मुझे फील होता है कि ये शर्तें इतनी आसान हैं कि कोई बहाना नहीं बनता। कल्पना कीजिए, आपका कोई रिश्तेदार कुम्हार है, मिट्टी से बर्तन बनाता है, लेकिन बाजार नहीं मिलता। अब ये योजना उसे ट्रेनिंग और पैसा देगी – दिल को कितना सुकून मिलेगा! अगर आपका परिवार या कोई जानकार इनमें फिट बैठता है, तो देर न करें। चलिए, अब दस्तावेजों पर नजर डालते हैं।
PM Vishwakarma Yojna के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए दस्तावेज इकट्ठा करना बहुत आसान है। ज्यादातर घर में ही मिल जाते हैं। यहां पूरी सूची है:
- आधार कार्ड (नाम, पता और फोटो साफ हो)।
- मोबाइल नंबर (जो आधार से जुड़ा हो, OTP के लिए)।
- बैंक खाता विवरण (पासबुक कॉपी, IFSC कोड)।
- काम का प्रमाण (जैसे, कोई पुराना बिल या सेल्फ-डिक्लेरेशन कि आप उस काम में लगे हैं)।
- परिवार का प्रमाण (राशन कार्ड या वोटर आईडी, अगर जरूरी हो)।
- पासपोर्ट साइज फोटो (आवेदक की)।
- अगर BPL हैं, तो उसका प्रमाण पत्र।
ये सब स्कैन करके अपलोड करने होते हैं। ऑफलाइन CSC सेंटर पर भी मदद मिलती है। मैंने जब अपनी एक रिश्तेदार को बताया, जो दर्जी का काम करती है, तो वो बोलीं, “भैया, इतना सरल? अब तो हुनर चमकेगा!” वो खुशी देखकर मन भर आया। तो, ये सूची नोट कर लीजिए, और आगे बढ़ते हैं फायदों पर।
PM Vishwakarma Yojna में कैसे अप्लाई करें?
अब सबसे जरूरी हिस्सा – आवेदन कैसे करें? PM Vishwakarma Yojna का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, और बहुत आसान। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो जाता है। स्टेप बाय स्टेप बताता हूं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: pmvishwakarma.gov.in।
- “रजिस्ट्रेशन” या “Apply Now” बटन पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर डालें और OTP से सत्यापित करें।
- आधार नंबर डालें, बायोमेट्रिक सत्यापन (CSC पर अगर जरूरी हो)।
- फॉर्म भरें: नाम, पता, काम का प्रकार, परिवार की जानकारी।
- दस्तावेज अपलोड करें – साफ कॉपीज।
- सबमिट करें। आवेदन नंबर नोट कर लें।
इसके बाद तीन स्तरों पर जांच होती है: पहले ग्राम पंचायत या शहर की ULB, फिर जिला समिति, और आखिर में स्क्रीनिंग कमिटी। अप्रूवल के बाद PM Vishwakarma प्रमाण पत्र और ID कार्ड मिलता है। ऑफलाइन: नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं, वे मुफ्त मदद करेंगे। हेल्पलाइन: 18002677777 या 17923 पर कॉल करें।
मैंने खुद वेबसाइट देखी, सब इतना सरल है कि कोई डर नहीं लगता। फीलिंग ऐसी कि जैसे सरकार ने सीधे हाथ पकड़ लिया हो। तो, आज ही शुरू करें!

PM Vishwakarma Yojna के फायदे क्या हैं?
अब आते हैं सबसे मजेदार हिस्से पर – फायदे! PM Vishwakarma Yojna के लाभ सुनकर आंखें चमक जाती हैं। ये सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि हुनर को निखारने का मौका देती है। मुख्य फायदे देखिए:
- पहचान: PM Vishwakarma प्रमाण पत्र और ID कार्ड मिलता है, जो कारीगर की पहचान बनता है।
- ट्रेनिंग: बेसिक ट्रेनिंग 5-7 दिन की, ₹500 प्रति दिन भत्ता। एडवांस्ड ट्रेनिंग 15 दिन से ज्यादा की।
- औजार मदद: ₹15,000 का ई-वाउचर नए औजार खरीदने के लिए।
- लोन: पहले चरण में ₹1 लाख का कोलेटरल फ्री लोन, 18 महीने में लौटाना, सिर्फ 5% ब्याज। दूसरे चरण में ₹2 लाख।
- डिजिटल प्रोत्साहन: हर डिजिटल लेन-देन पर ₹1, महीने में 100 तक।
- बाजार मदद: उत्पाद बेचने के लिए बाजार लिंकेज, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जगह।
- जीवन भर लाभ: एक बार रजिस्टर्ड हो जाएं, तो ट्रेनिंग और मदद जारी रहती है।
कल्पना कीजिए, एक लोहार को नए औजार मिलें, ट्रेनिंग से हुनर निखरे, लोन से दुकान बढ़ाए – कितनी खुशी होगी! मेरे दादाजी अगर जिंदा होते, तो ये देखकर कहते, “बेटा, अब हुनर की कद्र हो रही है।” ये फायदे आंकड़े नहीं, बल्कि असली कहानियां हैं जो परिवारों को मजबूत बनाती हैं। 2026 में और ज्यादा लोग लाभ उठा रहे हैं, करोड़ों रुपये बांटे जा चुके हैं।
निष्कर्ष
दोस्तों, PM Vishwakarma Yojna उन लाखों कारीगरों के लिए वो ढाल है जो हुनर से जिंदगी बनाते हैं। ट्रेनिंग, लोन, औजार और बाजार – ये सब मिलकर सपनों को उड़ान देते हैं। अगर आप या कोई अपना पात्र है, तो pmvishwakarma.gov.in पर आज ही आवेदन करें। हुनर की रोशनी फैलाएं, देश मजबूत बनेगा। शेयर करें ये पोस्ट, किसी की मदद हो जाए। जय हिंद!








